E.S. CLASSES
BALDEOGARH
म.प्र.
के संभाग
जबलपुर संभाग
(जबलपुर,डिंडोरी,कटनी,सिवनी
,नरसिंगपुर ,बालाघाट ,मंडला, छिंदवाडा )
v जबलपुर संभाग क्षेत्रफल की द्रस्टी से सबसे बड़ा संभाग है
जबलपुर जिला :- (5211 वर्ग किलोमीटर)
- ü प्रदेश का सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला (81.1 %)।
- ü जाबालि ऋषि की तपोभूमी के नाम पर जिले का नाम जबुलपुर रखा गया था
- ü इस जिले को पूर्व में त्रिपुरी के नाम से जाना जाता था , जब हेहय वंश का राज्य था
- ü राजपूत काल में त्रिपुरी कलचुरी वंश की राजधानी रहा
- ü जबलपुर क्षेत्र को महाकोशल क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है
- ü 1116 ई. में गोंड राजा मदनशाह ने मदनमोहन किले का निर्माण करवाया था
- ü 1500 ई. के आस-पास गोंड राजा संग्राम शाह ने संग्राम सागर और बाजना मैथ का निर्माण करवाया था
- ü जबलपुर को म.प. की संस्कार राजधानी कहा जाता है
- ü जबलपुर में भारतीय बन अनुसन्धान संस्थान का क्षेत्रीय कर्यालय है
- ü प्रदेश का पहला कृषि विश्वविघालय स्थित है।
- ü प्रदेश का प्रथम पशु चिक्त्शिया विश्वविध्यालय ,प्रथम मेडिकल साइंसेज विश्वविध्यालय यही पर है
- ü प्रदेश एक मात्र नानाजी देशमुख विट्नेरी विश्वविघालय स्थित है।
- ü प्रदेश क पहला रत्न परिष्करण केन्द्र- जबलपुर।
- ü बीडी उत्पादन में अग्रणी जिला।
- ü IIITDM( Indian Institute of Information Technology
Design and Manufacturing ) संस्थान-
जबलपुर (2005)
- ü मध्यप्रदेश हाइकोर्ट का मुख्यालय स्थित है।
- ü जबलपुर में हेवी व्हीकल्स कारखाना , गन कैरेज फैक्ट्री एवम ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (खमरिया) है
- ü रानी दुर्गावती विश्वविध्यालय ,जवहारलाल नेहरू कृषि विश्वविध्यालय एवम महर्षि योगी विश्वविध्यालय है |
- ü पर्यटन :- ( मदनमहल ,चौसठ योगनी का मंदिर , भेडाघाट ,पिसनहारी की माडिया ,संग्राम सागर , बाजना मठ, रानी दुर्गावती की समाधी ,रानी दुर्गावती संग्र्हयालय ,धुअधार जलप्रपात , रूपनाथ अभिलेख है )
- ü तीवर में सुन्दरी देवी का मंदिर
- ü तिलवारा घाट (यहाँ पर महात्मा गाँधी की अस्थियाँ विसर्जित की गयी थी )
- ü वर्गी जल परियोजना (वरगी नदी )
- ü आम जिला घोषित
- ü राज्य का पहला नगर निगम
- ü पोस्ट एंड टेलीग्राफ वर्कशॉप
- ü नदियाँ :- (नर्मिदा , हिरन ,गौर आदि )
- ü जबलपुर हयकोर्ट 2 नवम्बर 1861 में बनाया गया था जबलपुर के तहत 28 जिले ,इंदौर खंडपीठ में 13 जिले ,ग्वालियर खंडपीठ में 9 जिले है
इतिहास
·
जबलपुर
शहर मध्य प्रदेश राज्य, मध्य
भारत में स्थित है। यह नर्मदा नदी के उत्तर में निचली पहाड़ियों से घिरे चट्टानी
बेसिन में झीलों और मंदिरों के बीच स्थित है। इस नगर में उच्च-न्यायालय भी स्थित
है। जबलपुर में साक्षरता, संस्कृति, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की लंबी
परम्परा रही है। जबलपुर में कई आवास, प्रकाशकों और प्रमुखों का आवास क्षेत्र है।
·
पुराणों
और महापुरूषों के अनुसार जबलपुर का संबंध जाबालि ऋषि से है। जिनके बारे में कहा
जाता है कि वह यहीं निवास करते थे।
·
1781 के
बाद ही मराठों के मुख्यालय के रूप में चुने जाने पर इस नगर की सत्ता बढ़ी, बाद में यह सागर और नर्मदा क्षेत्रों के
ब्रिटिश कमीशन का मुख्यालय बन गया। यहाँ 1864 में नगरपालिका का गठन हुआ था।
·
एक
पहाड़ी पर मदन महल स्थित है, जो लगभग 1100 ई। में राजा मदन सिंह द्वारा बनवाया गया एक
पुराना गोंड महल है। इसके ठीक पश्चिम में गढ़ है, जो 14 वीं शताब्दी के चार स्वतंत्र गोंड राज्यों का
प्रमुख नगर था।
·
भेड़ाघाट, ग्वारीघाट और जबलपुर से प्राप्त जीवाश्मों से
संकेत मिलता है कि यह प्रागैतिहासिक काल के पुरापाषाण युग के मनुष्य का निवास
स्थान था। मदन महल, नगर
में स्थित कई ताल और गोंड राजाओं द्वारा बनवाए गए कई मंदिर इस स्थान की प्राचीन
महिमा की जानकारी देते हैं। इस क्षेत्र में कई बौद्ध, हिंदू और जैन भग्नावशेष भी हैं।
डिंडोरी जिला :- (7470 वर्ग किलोमीटर )
ü डिंडौरी जिले का गठन 1998 में मंडला से अलग करके किया गया है।
ü डिंडोरी जिले को सन 2012 में जबलपुर संभाग में
सामिल किया गया था
ü मध्यप्रदेश में न्यूतम जनसंख्या घनत्व (94 व्यक्ति) वाला जिला
है।
ü जीवाश्म
राष्ट्रीय उद्यान प्रदेश का सबसे
छोटा जीवाश्म नेशनल पार्क डिंडौरी में है।
ü पर्यटन
स्थल :- जगतपुर एको टुरिसुम , कारोपनी
हिरन पार्क
ü लिंगानुपात
में इस जिले का चौथा स्थान है (1000:1002)
ü लोक
नृत्य :- सुआ , करमा,रीवा ,झरपट,विमला |
ü जनजातियाँ
:- वैगा , गौंड |
कटनी जिला :- (4950 वर्ग किलोमीटर )
- ü कटनी को जबलपुर से पृथक करके 1998 में जिला बनाया गया।
- ü कटनी को ‘चूना नगरी’ कहा जाता है।
- ü देश की पहली किन्नर महापौर कमला जॉन यहीं से बनी थी।
- ü ठगी प्रथा को खत्म करने में सहायता करने वाले कर्नल स्लीमन के नाम पर यहाँ स्लीमनाबाद नगर स्थापित किया गया जहाँ स्टोन पार्क है।
- ü कटनी की विजयाराघगढ़ तहसील लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।
- ü इलेक्ट्रॉनिक एवं डीजल लोकोसेड कारखाने की स्थापना की गई है।
- ü कटनी जिले में ACC सीमेंट फैक्ट्री केमूर में स्तिथ है
- ü यहाँ पर मार्बल कटिंग व पोलिशिंग उद्ग्योग है
- ü पर्यटन :- बहोरिबंद ,विजयराघवगढ़ किला आदि |
- ü यहाँ स्टोन पार्क सलिमनाबाद में है
सिवनी जिला :- (8758 वर्ग किलोमीटर )
- ü सिवाना ट्री के नाम पर इस जिले का नाम सिवनी रखा गया |
- ü सिवनी में बेनगंगा नदी पर एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बाँध बनाया गया है। इसे (भीम बाँध) या (संजय सरोवर) कहते हैं।
- ü यहाँ पर भीमगढ बांध बेन गंगा नदी पर स्तिथ है
- ü सिवनी को मध्यप्रदेश का लखनऊ कहा जाता है।
- ü यहीं पर भैरोनाथ का मेला लगता है।
- ü मुंदारा नामक स्थान से वेनगंगा नदी का जन्म होता है। वेनगंगा नदी दक्षिण दिशा में प्रवाहमान नदी है।
- ü टुरिया जंगल सत्याग्रह का संबंध सिवनी से है।
- ü सिवनी का लखनादौन काली मूंछ चावल और मावाबाटी के लिए प्रसिद्ध है।
- ü पेंच राष्ट्रीय उद्यान यहीं स्थित है। जिसे टाइगर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, राज्य सरकार यहीं पर मोगली उत्सव मनाती है। इसी पार्क में मोगलीलैंड का निर्माण किया जा रहा है।
- ü पेंच सिवनी से NH-7 गुजरता है।
- ü कालीमूंछ का चावल एवम मावा वाटीके लिए लखनादोन प्रशिद्ध है
- ü पेंच का नाम इंद्रा प्रियदर्शनी उद्यान है
- ü फेरोसिथ व किपलिंग की पेंच कर्मस्थली रही है
- ü पर्यटन :- अमोदगढ़, सोन रानी महल |
बालाघाट जिला :- (9229 वर्ग किलोमीटर)
- ü बालाघाट मध्यप्रदेश का सर्वाधिक लिंगानुपात (1000:1021) वाला जिला है।
- ü यह जिला बाँस के वन और मैंगनीज की खदान के लिए प्रसिद्ध है। इसे मैंग्नीज नगरी भी कहा जाता है।
- ü मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र की संयुक्त परियोजना बावनथड़ी यहीं पर स्थित है।जिससे म.प. में 18600 हेक्टेअर सिचाई होती है
- ü यहाँ कलचुरी काली मंदिर लांजी में है |
- ü बैगा जनजाति पाई जाती है, बैगा चक यही पर है।
- ü धान उत्पादन में शीर्ष जिला है
- ü यह जिला नक्सल प्रभाबित जिला है |
- ü नदियाँ :- वेनगंगा ,देवनदी ,बंजर नदी ,चनइ नदी, चन्दन नदी आदि |
- ü मैंगनीज की एशिया की सबसे बड़ी खुली खदान व भूमिगत खदान भरवेली बालाघाट में है।
- ü मजालखंड ताम्बा अयस्क उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
- ü यहाँ सर्वाधिक बांस पाया जाता है |
- ü यहाँ पर वन महाविद्यालय है |
- ü बालाघाट के जंगलों को शिकारियों का स्वर्ग कहा गया है।
- ü यहाँ प्रदेश का पहला वन महाविद्यालय स्थापित किया गया है।
- ü यहाँ देव नदी पर मुसलाधार जल प्रपात है। गंगुलधारा जल प्रताप भी यहीं है।
- ü बालाघाट को मेगनीज नगरी कहा जाता है |
- ü यहाँ पर चन्दन नदी पर नाहाल्सेरा बाँध है |
- मंडला जिला :- (5800 वर्ग किलोमीटर)
- ü चुटका परमाणु विद्युत केन्द्र बनाया जा रहा है।
- ü कान्हा किसली(1933) प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पार्क यहीं स्थित है।
- ü यह जिला लिंगानानुपत में तीसरा सबसे बड़ा जिला है (1000:1005)
- ü मोती महल व बघेलिन महल मंडला में है।
- ü बेगा चक क्षेत्र यही पर है
- ü अवंतिबाई रामगढ की शासिका थी
- ü गन्ना अनुसंधान केन्द्र स्थित है।
नरसिंहपुर जिला :- (5133 वर्ग
किलोमीटर)
- ü राज्य का एकमात्र किशोर बंदीगृह नरसिंहपुर में है।
- ü नदियाँ :- नर्मिदा ,शेर ,सितारेवा ,शक्कर नदी आदि |
- ü गाडरवाड़ा में स्थित बरमान घाट पर मकर संक्राति पर बरमान का मेला लगता है।
- ü चौरागढ़ किले का निर्माण संग्रामसिंह द्वारा कराया गया।
- ü यह सोयाबीन उत्पादक जिला है |
- ü नरसिंगपुर का किला , बरमानघाट व डमरू घाटी दर्शनीय है |
छिन्दवाड़ा जिला :- (11815 वर्ग किलोमीटर)
- ü क्षेत्रफल के आधार पर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा जिला है।
- ü राज्य का मानव विकास संस्थान छिन्दवाड़ा में है।
- ü छिन्दवाड़ा के तामिया विकासखंड में पातालकोट नाम स्थान पर भारिया जनजाति निवास करती है।
- ü यहाँ पर दूधी नदी बहती है, जो नर्मदा की सहायक नदी है।
- ü यहाँ महादेव गुफा है |
- ü नदियाँ :- कान्हा ,पेंच ,जाम ,कन्हन , शक्कर व दूध नदी आदि |
- ü छिन्दवाड़ा में स्याही बनाने का सरकारी कारखाना है।
- ü जाम नदी के किनारे पांडुरना में गोटमार की प्रथा प्रचलित है।इसे ही गोटमार का मेला कहते है
- ü यहीं उमरेठ में मेघनाथ का मेला प्रसिद्ध है।
- ü पेंच रास्ट्रीय उद्यान का कुछ हिस्सा इस जिले में आता है |
- ü छिन्दवाड़ा में एग्रो कॉम्पलेक्स स्थापित है।
- ü यह राज्य में सर्वाधिक अदरक उत्पादक जिला है।
- ü यहाँ अनहोनी गर्म जल का श्रोत है |
- ü आदिवासी कला संग्रहालय छिन्दवाड़ा में स्थापित किया गया है।(1954)
- ü कोयला, ताँबा, मैंगनीज का उत्पादन किया जाता है।
- ü लिलाही प्रपात, कन्हान नदी पर स्थित है।
- ü यहाँ पर 18 वी सदी का देवगढ किला (गोंड़राजा) है |
- ü इस जिले में कोरकू जनजाति पाई जाती है |
इंदौर संभाग
यह संभाग जनसख्या की द्रस्टी से सर्विधिक बड़ा
संभाग है
इन्दौर जिला :- (3898 वर्ग किलोमीटर )
- ü इंदौर शहर खान नदी और सरस्स्वती नदी के किनारे पर स्थित है।
- ü यहाँ iit 2009 में बनाया गया था
- ü पर्यटन :- लालबाग पैलेस (तुकोजीराव 2 व 3 ने बनवाया था ) ,कांच जैन मंदिर ,महात्मा गाँधी हाल (1904) ,गोपाल मंदिर (क्रष्ण बाई होलकर - 1832) , गोमल गिरी , राजवाडा ,खजराना मंदिर ,देव्गुरादिया ,सितल माता झरना है ,तिनचा झरना ,पातालपानी झरना यही पर है |
- ü यहाँ पर महात्मा गाँधी हॉल की स्थापना की गयी थी (1904)
- ü इंदौर होलकर वंश की राजधानी रही है।
- ü मल्हार राव होलकर ने होलकर वंश की स्थापना की थी |
- ü आहिल्याबाई लकी म्रत्यु सन 1975 में हुई थी |
- ü इंदौर के महू में डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। उनकी जन्म स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए महू में सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की 1998 में स्थापना की गई है।
- ü मध्यप्रदेश क्रिकेट एसासिएशन का मुख्यालय इंदौर में है। ,तथा इसके संस्थापक सी .के. नायडू की कर्मस्थली इंदौर थी |
- ü मध्यप्रदेश लेाक सेवा आयोग का कार्यालय इंदौर में है।
- ü सहकारिता शोध संसथान यही पर है
- ü चंबल नदी का उद्गम महू की जानापाव की पहाडि़यों से होता है।
- ü नदियाँ :- चंबल , गंभीर , क्षिप्रा , चोरल |
- ü देवी अहिल्याबाई होलकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इंदौर में है।
- ü पहला जेम्स एण्ड ज्वैलरी पार्क इंदौर में स्थापित किया जा रहा है।
- ü यहाँ राजा रमन्ना लेजर अनुसंधान केन्द्र 1984 में स्थापित किया गया।
- ü देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर में है।
- ü राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स भी यहाँ स्थित है।
- ü प्रदेश की मौसम वेधशाला इंदौर में स्थित है।
- ü मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर है।
- ü देश का ऐसा पहला शहर है जहां आईआईटी और आईआईएम दोनों स्थित हैं।
- ü देश का पहला डाटा सेंटर पार्क और क्रिस्टल आईटी पार्क इंदौर में स्थित है।
- ü इंदौर जनसंख्या के आधार पर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है।
- ü 1741 में इन्देश्वर मंदिर स्थापित किया गया था |
- ü सन 1818 में में इंदौर रियासत की राजधानी बना था |
- ü यहाँ अमीर खान समारोह आयोजित किया जाता है
- ü प्राचीन नाम :- इंद्रपुर ,इन्दुर , आहिल्या नगरी
- ü प्रथम जेविक खाद इकाई की स्थापना |
- ü मध्य परदेश वित्त निगम यही पर है
- ü वर्तमान में महू का नाम बदलकर अम्बेत्कर नगर कर दिया है
- ü रालामंडल मध्य प्रदेश का सबसे छोटा आभ्यारण है
- ü प्रदेश का पहला सुखा बंदरगाह यही पर है
- ü होलकर स्टेडियम यही पर है
- ü मध्य प्रदेश में प्रथम आकाशवाणी प्रसारण यही से हुआ था 22 मई 1955 |
- ü शसस्त्र पुलिस प्रकशन केंद्र , पुलिस वायरलेस प्रकशन केंद्र यही पर है
- ü प्रदेश की एक मात्र खेल पत्रिका खेल हलचल यही से प्रकाशित होती है
- ü गेंहू शोध संसथान यही पर है
- ü प्रदेश का पहला डेंटल कॉलेज |
- ü ककारिवार्दी से क्षप्रा नदी निकलती है |
खंडवा जिला ( 6209 वर्ग किलोमीटर )
- ü खंडवा जिले को पूर्वी निमाड़ भी कहा जाता है।
- ü इस जिले को दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है |
- ü दादा धूनीवाले की समाधि स्थित है।, दादाजी धूनीवाले पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना की जा रही है।
- ü सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना खंडवा में स्थित है।
- ü किशोर कुमार की समाधि है।
- ü संत सिंगाजी की समाधी है |
- ü मान्घता मेले का आयोजन किया जाता है |
- ü खंडवा माखनलाल चतुर्वेदी और सुभद्रा कुमारी चौहान की कर्मस्थली रही है।
- ü राज्य का एकमात्र गांजा उत्पादक जिला है।इसी कारण से इसे “गंजदियो का स्वर्ग” कहा जाता है
- ü प्याज उत्पादक जिला है।
- ü कपास उत्पादन के कारण इस जिले को सुनहरा जिला भी कहा जाता है |
- ü हनुवंतिया टापू , जिस पर जल महत्सोव आयोजित किया जाता है
- ü सिंगाजी पवित्र स्थान यही पर स्तिथ है
- ü ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की गुफायें स्थित हैं।
- ü ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग है, ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना 520 मेगावाट की है।
- ü खंडवा के ओंकारेश्वर में ओंकार मांधाता का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है।
- ü यहीं पर शंकराचार्य की कर्मस्थली गुफाएँ हैं।
- ü पुनासा में इंदिरा सागर परियोजना के तहत बाँध का निर्माण किया गया है। वहीं हनुवंतिया में जल महोत्सव का आयोजन व जल पर्यटन केंद्र का विकास किया गया है।
- ü यहाँ पर ओंकारेश्वर नेशनल पार्क स्तिथ है |
- ü यहाँ पर सुरमनियाऔर मंघाता अभ्यारण स्तिथ है
- ü यहाँ पर काजल रानी गुफा और सत्मत्रिका गुफा है
- ü यहाँ पर वीरखाला प्राचीन मंदिर स्तिथ है
- ü पर्यटन :- घंटाघर ,सागर बाँध ,ओम्केराश्वर ,मंघाता ,संक्रचार्य की गुफा ,दादा धुनी वाले दरबार ,तुरजा भवानी मंदिर , नव चंडी देवा धाम ,नागचुन बाँध ,गौरी कुंज आदि |
- ü नदियाँ :- नर्मिदा और ताप्ति |
बड़वानी जिला ( 5422 वर्ग किलोमीटर )
- ü बड़वानी को 25 मई 1998 में अलग जिला बनाया गया है।
- ü इस जिले का पूर्व नाम सिद्धनगर था |
- ü बडबानी नाम की उत्पत्ति बड के बन से हु है
- ü पर्यटन :- जैन तीर्थ (52 गज प्रतिमा ) ,बिजसेनी माता का मंदिर ,जंबू गली गणेश मंदिर ,सावलिया मंदिर ,वेस्नोदेवी मंदिर ,कालका माता मंदिर ,महालक्ष्मी मंदिर संतोषी माता मंदिर ,राम किशन मंदिर ,शनि मंदिर ,सत्यनारायण मंदिर ,
- ü झरने :- बंधन झरना ,राजघाट ,नगलवाड़ी |
- ü राज्य का चावल अनुसंधान केंद्र बड़वानी में है।
- ü बड़वानी को ”निमाड़ का पेरिस” कहा जाता है।
- ü बड़वानी (बावनगजा) में आदिनाथ (जैन) की 72 फीट ऊंची मूर्ति है।
- ü सेंधवा यहां का एक प्रमुख शहर है, जहाँ काटन जीनिंग फैक्ट्री है।
बुरहानपुर जिला (3427 वर्ग किलोमीटर)
- ü बुरहानपुर को दक्षिण का प्रवेश द्वार कहा जाता है।
- ü सेख बुरहानुद्दीन के नाम बुरहानंपुर नाम पड़ा |
- ü यहाँ पर उहीर राजा आसा द्वारा निर्मित मध्यकालीन असीरगढ़ का किला है, जिसे 1601 में अकबर ने जीता।
- ü आशादेवी का मंदिर है।
- ü प्रदेश का पहला यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय है।
- ü बुरहानपुर के नेपानगर में अखबारी कागज का कारखाना है।
- ü यहाँ चाँदनी ताप विद्युत गृह भी है।
- ü शाहजहाँ की बेगम मुमताज को मृत्यु के बाद बुरहानपुर में ही दफनाया गया था, जहाँ से उसे बाद में ताजमहल ले जाया गया।
- ü यहीं पर राजा जयसिंह की भी मृत्यु हुई थी।
- ü बुरहानपुर में आदिलशाह का मकबरा है।
- ü यहाँ पर बीबी मस्जिद और जामी मस्जिद है |
धार जिला (8153 वर्ग किलोमीटर )
- ü परमार राजा भोज की नगरी धार की प्रसिद्धि मांडू के महलों से है।
- ü यह जिला पहले परमार वंश की राजधानी था |
- ü धार- राजा भोज की राजधानी है।
- ü धार में मांडू को ”सिटी ऑफ जॉय” कहा जाता है।
- ü नदी :- माही , चंबल , नर्मिदा , मान , बाघ आदि |
- ü राज्य का पहला ड्रायपोर्ट और भारत का डेट्रायट पीथमपुर धार जिले में है।
- ü पीथमपुर में निर्यात संवर्धन पार्क है।
- ü धार में राजा भोज द्वारा निर्मित भोजशाला और बाग्देवी (सरस्वती) मंदिर है।
- ü डायनासोर जीवाश्म पार्क स्थित है।
- ü सरदारपुर अभ्यारण्य में खरमौर पक्षी का संरक्षण किया जा रहा है।
- ü धार का किला मांडू का जहाज महल, अशर्फी महल, रानी रूपमती का महल आदि प्रसिद्ध हैं।
- ü होशंगशाह का मकबरा, भारत में संगमरमर की पहली इमारत है।
- ü धार के किले का निर्माण मोहम्मद बिन तुगलक ने करवाया था।
- ü मांडू का पुराना नाम शादियाबाद था।
- ü धार जिले में बाघ की गुफाएं हैं।
- ü यहां से ज्ञानदूत परियोजना की शुरूआत हुई।
- ü पर्यटन :- धार का किला , मांडू के महल , हुशंग्साह क मकबरा ,बाघ की गुफाये आदि |
झाबुआ जिला ( 6778 वर्ग किलोमीटर )
- ü झाबुआ जिला जनजाति बहुल जिला है और भीली गुडिया शिल्प के लिए प्रसिद्ध है।
- ü 16 वि शतबदी में स्तापित यह जिला बहादुर सागर झील के किनारे बसा हुआ है
- ü इस जिले में 86% जनजातियो का निवास है और 3 से 4 % अनुसूचित जनजातियो का निवास है
- ü इस जिले में अधिकता भील जानजाति पायी जाती है
- ü मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र झाबुआ में है जहाँ रॉक फास्फेट के कारखाने हैं।
- ü रॉकफॉस्फेट व एस्बेस्टस पाया जाता है।(अन्य :- मेग्निसे , सीसा , बेराइट, अभ्रक ,धिया पत्थर ,चुना पत्थर ,डोलोमाइट आदि )
- ü ह्झाबुआ जिले में कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा पाया जाता है
- ü यहाँ की साक्षरता 43.3 प्रतिशत है।
- ü इस जिले में सुनार नदी के किनारे भागवान शिव का मंदिर है
- ü इस जिले में बहुत अधिक मात्र में महुआ पैदा होता है
- ü यहाँ पर पेटलाबाद आदिवासी खील्कूद विद्यालय है (प्रदेश का पहला आदिवासी खेलकूद विद्यालय )
- ü आदिवासी शोध संचार केन्द्र झाबुआ है।
- ü यहाँ लगने वाला भगोरिया का मेला भीलों से संबंधित है।
- ü यहाँ रेल रेपर फैक्ट्री प्रस्तावित है
- ü मक्का उत्पादित जिला है
- ü रॉक फास्फेट मेघनगर में मिलता है |
- ü यहाँ का देवझरी बरसाती झरने के लिए प्रशिद्ध है
- ü यहाँ विस्वा की पहली भीली भासा की फिल्म का निर्माण हुआ था जिसका नाम था “फेसला”
अलीराजपुर जिला ( 3182 वर्ग किलोमीटर )
- ü अलीराजपुर को 17 मई 2008 में झाबुआ से अलग करके जिला बनाया गया।
- ü इस जिले के संस्थापक आनंद देव राठोड थे
- ü अलीराजपुर में आदिवासी खेल विद्यालय है।
- ü इस जिले में विक्टोरिया ब्रिज है |
- ü अलीराजपुर के भाबरा नामक स्थान पर प्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ। इसका नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद नगर कर दिया गया है।
- ü अलीराजपुर 36.1 प्रतिशत के साथ न्यूनतम साक्षरता वाला जिला है।
- ü यहं पर महिला साक्षरता नुनतम है 31% है |
खरगोन जिला ( 8030 वर्ग किलोमीटर )
- ü खरगौन – सुनहरा जिला है।
- ü सिंगाजी का मेला लगता है।
- ü CISF(Central Industrial Security Force) की प्रशिक्षण केन्द्र बड़वाह में है।
- ü NH-3 यहाँ से गुजरता है
- ü यहाँ पर सिंगाजी का मेला लगता है
- ü यहाँ पर कपास जिनिंग कारखाना है
- ü इस जिले में रंगीन कपस का उत्पादन किया जाता है
- ü खरगोन में महेश्वर ऐतिहासिक महत्व का शहर है।
- ü नर्मदा नदी के किनारे बने घाट और महेश्वर के किले का निर्माण अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था।
- ü महेश्वर बांध खरगोन में है।
- ü कपास उत्पादन में शीर्ष जिला है।
- ü बड़वाह भी नर्मदा के किनारे बसा एक प्रमुख शहर है।
- ü राज्य का कपास अनुसंधान केन्द्र खरगोन में ही है।
- ü निमरानी औद्योगिक क्लस्टर प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है।
- ü खनिज :- ग्रेनाएट , केल्सिएत ,कवर्टअ जाएत ,चुना पत्थर आदि |
भोपाल संभाग
(भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ )
भोपाल जिला ( 2772 वर्ग किलोमीटर )
- ü भोजपाल राजा भोज द्वारा बसाया गया था। जिसका वर्तमान नाम भोपाल है
- ü प्रदेश का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व 855 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. यही पर है।
- ü भोपाल जिले में दो तहसीले है 1.हुजुर 2. वेरासिया
- ü 26 जनवरी 1972 को सीहोर जिले से अलग करके भोपाल जिला बनाया गया है।
- ü RCPV नरोन्हा प्रशासनिक एकेडमी भोपाल में स्थित है।
- ü इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में स्थित है।
- ü भारत भवन भोपाल स्थित एक सांस्कृतिक कला केन्द्र है।, भारत भवन – 1982 में चार्ल्स कोरिया द्वारा डिजाइन किया गया था।
- ü दुष्यंत कुमार पाण्डुलिपि संग्रहालय स्थित है।
- ü प्रदेश का पहला एनर्जी पार्क यही स्तापित किया गया है
- ü देश की सबसे बड़ी मस्जिद – ताजुल मस्जिद व सबसे छोटी मस्जिद – ढाई सीढ़ी मस्जिद यहीं पर स्थित है।, ताजुल मस्जिद का निर्माण शाहजहाँ बेगम ने कराया था।
- ü भोपाल 5 पहाडि़यों से घिरा है।
- ü 2-3 दिसम्बर 1984 को यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसो साइनेट गैस का रिसाव हुआ था।
- ü 1819-1826 तक भोपाल में बेगमों का शासन रहा। उनके नाम है- कुदसिया बेगम, सिकन्दर जहां बेगम, शाहजहां बेगम एवं सुल्तान जहां बेगम।
- ü भोपाल में राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी 2002 में स्थापित की गई।
- ü इसरो को उपग्रह नियंत्रण केंद्र 2005 में स्थापित किया गया।
- ü यह राज्य का सर्वाधिक विश्वविद्यालयों वाला जिला है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, राजा भोज खुला विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय और अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय सभी भोपाल में स्थित है।
- ü मौलाना अबुल कलाम आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भारतीय वन प्रबंध संस्थान और भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान भी भोपाल में है।
- ü क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला, उन्नत सांड प्रजनन केन्द्र, भदभदा, भोपाल तथा कृषि एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला, नबीबाग भोपाल में है।
- ü भोपाल के बड़े तालाब का निर्माण परमार राजा भोज ने करवाया था।
- ü भोपाल में 1960 में ब्रिटेन के सहयोग से बीएचईएल की स्थापना की गई।
- ü भोपाल के निशातपुरा में रेलवे कोच फैक्ट्री है।
- ü राज्य सचिवालय का नाम वल्लभ भवन और राज्य संचालनालय सतपुड़ा व विन्ध्याचल नामक इमारतों से संचालित किए जाते हैं।
- ü वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में हैं जहां सर्प उद्यान भी है।
- ü भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज है।
- ü भोपाल में राजा भोज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।
- ü हबीबगंज रेलवे स्टेशन आईएसओ प्रमाणित रेलवे स्टेशन है।
- ü हबीबगंज रेलवे स्टेशन देश का पहले प्राइवेट स्टेशन है
- ü हसन सिध्हिका का मकबरा यही पर स्तिथ है
सीहोर जिला ( 6578 वर्ग किलोमीटर )
- ü बुधनी में रेल्वे स्लीपर बनाने का कारखाना है।
- ü पान गुडरियासे भी अशोक अभिलेख मिले है
- ü प्रदेश का पहला आवासीय खेल विद्यालय सीहोर में स्थित है।
- ü सीहोर का पुराना नाम सिद्धपुर था।
- ü यहाँ पर सारु- मारू की गुफाये है
- ü जिले में रेहटी में लघु वनोपज संघ की फार्मेसी व विपणन केन्द्र हैं।
- ü सलकनपुर में पहाड़ी पर विजयासन माता का मंदिर है, जहाँ मेला लगता है।
- ü आष्टा तहसील से पार्वती नदी निकलती है।
- ü ट्रैक्टर परीक्षण केन्द्र बुधनी में हैं।
- ü सीहोर में कुंवर चैन सिंह की समाधि स्थित है।
विदिशा जिला ( 7371 वर्ग किलोमीटर )
- ü उदयगिरि में नीलकंठ मंदिर स्थित है।
- ü सम्राट अशोक की पत्नी महादेवी यहीं की रहनेवाली थी।
- ü विदिशा का पुराना नाम भेलसा या बेसनगर था।
- ü मुगलकाल में इसे आलमगीरपुर कहा जाता था
- ü सिंध नदी का उद्गम यही से होता है
- ü इस नगर का वर्णन कालिदास ने अपने ग्रन्थ मेघदूत में किया है
- ü यह बेतवा नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन शहर है।
- ü इसका एक अन्य नाम दशार्ण भी मिलता है।
- ü पुराणों में विदिशा का नाम भद्रावती तथा आरंगजेब ने इसका नाम आलमगीरपुर रखा था।
- ü विदिशा में भागवत धर्म से संबंधित होलियाडोरस का प्रसिद्ध गरूड़ स्तंभ है।
- ü सम्राट अशोक सागर परियोजना (हलाली) नदी पर स्थित है इसे हलाली परियोजना के नाम से भी जाना जाता है ।
- ü मध्य प्रदेश का सबसे अधिक चना उत्पादक जिला है
- ü सम्राट अशोक की पत्नी महादेवी विदिशा की थी।
- ü उदयगिरि की गुफाएँ विदिशा में है और यह गुप्तकालीन है इन गुफयों के द्वार पर विष्णु भगवन की बारह अवतार की प्रतिमा है
- ü यहाँ वराह अवतार की लेटी हुई प्रतिमा अत्यन्त प्रसिद्ध है।
- ü जिले का गंजबासौदा मध्यप्रदेश का सबसे गर्म स्थान है।
- ü जैन तीर्थंकर शीतलनाथ की जन्मस्थली विदिशा है।
रायसेन जिला (8399 वर्ग किलोमीटर)
- ü सांची में बौद्ध स्तूप है जिसे सन 1989 में विश्व घरोहर में शामिल किया गया था
- ü रायसेन जिले में 9 तहसीले है (रायसेन , गोहरगंज,वेगामगंज , गेरात्गंज , सिलवानी ,बरेली,बाड़ी ,उदयपुरा , शुल्तानपुर)
- ü मंडीदीप में देश का पहला ऑप्टिकल फाइबर बनाने का कारखाना है।
- ü रातापानी अभ्यारण्य स्थित है यह प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल है ।
- ü यहाँ पर रातापानी के अलावा सिंधारी अभ्यारण भी है
- ü ओबेदुल्लागंज के पास भीमबेटका गुफा समूह मानव के आदि जीवन के साक्ष्य प्रदान करती है। जिन्हें 2003 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल किया।
- ü रायसेन में ही एक अन्य यूनेस्को विश्व धरोहर में 1989 में शामिल साँची का स्तूप भी है।
- ü रायसेन के पाटनी गाँव में मृगेन्द्रनाथ की गुफाएँ हैं।
- ü साँची में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध विश्वविद्यालय का शिलान्यास 2012 में हुआ।
- ü विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग भोजपुर में है, जहां शिवरात्रि पर प्रतिवर्ष मेला लगता है।
- ü रायसेन के कुपवाड़ा नामक स्थान पर आचार्य रजनीश (ओशो) का जन्म हुआ।
- ü रायसेन का किला (राजा राजबसंती द्वारा निर्मित), रातापानी अभ्यारण्य (प्रोजेक्ट टाइगर) और सिंघौरी अभ्यारण्य है।
- ü मंडीदीप और तामोट यहां के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं।
- ü मंडीदीप में गैस सिलेंडर कारखाना स्थापित किया गया है।
- ü सम्राट अशोक द्वारा साँची के स्तूपों का निर्माण करवाया गया था
- ü पर्यटन :- साँची स्तूप ,अशोक स्तम्भ , बोद्ध बिहार , ग्रेट बाउल ,गुप्ता मंदिर ,संघ्रालय ,भोजेश्वर मंदिर ,भीमबेटका ,रायसेन किला , दरगाह सरीफ आदि |
vइतिहास
- स्थान और सीमाएं : रायसेन जिले मध्य प्रदेश के मध्य भाग में स्थित है। जिला अक्षांश 22 47 ‘और 23 33’ उत्तर और देशांतर 7721 ‘और 78 49’ पूर्व के बीच स्थित है। यह नरसिंहपुर जिले के दक्षिण-पूर्व में, सागर जिले से आसानी और दक्षिण-पूर्व में, विदिशा जिले के उत्तर में, सीहोर जिले के पश्चिम में घिरा है, और होशंगाबाद और सीहोर जिले के दक्षिण में है। जिले का कुल क्षेत्रफल 8395 वर्ग किमी है जो की राज्य के क्षेत्रफल का 1.93% शामिल हैं।.
- · नाम की उत्पत्ति :एक मजबूत किले के साथ रायसेन हिन्दू काल एवं नींव की अवधि से प्रशासन का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। पंद्रहवीं सदी में इस किले पर मांडू के सुल्तानों का शासन था। 1543 में शेरशाह सूरी ने पूरणमल से कब्जा कर लिया। अकबर के समय में रायसेन मालवा में सरकार का एक मुख्यालय था।
- · इतिहास : मुगल काल के दौरान खामखेड़ा क्षेत्र मुख्यालय गैरतगंज तहसील में पड़ता था। शाहपुर, परगना का मुख्यालय था, बाद में उसे सगोनि पर स्थानांनतरित कर दिया गया जो की बेगमगंज तहसील में आता है ।
- · भोपाल के भारत के संघ के ‘सी’ राज्य बनने के बाद रायसेन जिला मुख्यालय के साथ, 5 मई 1950 को अस्तित्व में आया । जिले में केवल सात तहसीलों बनाए रखने का फैसला किया गया था।
राजगढ़ जिला ( 6153 वर्ग किलोमीटर
)
- ü राजगढ़ जिले के ब्यावरा में राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहा है इसलिए इसे व्यावरा नाम से भी जाना जाता है |
- ü रायसेन को सन 1776 में महाराजा गजनसिंह ने अपने पुत्र के नाम पर बसाया था
- ü इस जिले में 7 तहसीले है
- ü 1995 में मानव विकास रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाला राजगढ़ देश का पहला जिला था
- ü यह मध्य प्रदेश का सबसे ज्यादा रेगास्थानी जिला है
- ü राजगढ़ देश का पहला जिला है, जिसने पृथक मानव विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।
- ü यहां कुबर सिंह के किले को मालवा के कश्मीर का दर्जा प्राप्त है।
- ü यहीं नरसिंहगढ़ अभ्यारण्य स्थित है तथा चिड़ीखोह अभ्यारण्य भी प्रसिद्ध है।
- ü पीलूखेड़ी में औद्योगिक केन्द्र है।
- ü झीले :- परसराम ,चिदिखो ,नापानेरा ,छापिदेम आदि
ग्वालियर संभाग
(ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोक नगर)
ग्वालियर जिला ( 4565 वर्ग किलोमीटर )
- ü ग्वालियर दुर्ग को “जिब्राल्टर” कहा जाता है। इसका निर्माण महाराज सूरज सेन ने करवाया था।
- ü देश का पहला एडवोकेट ट्रेनिंग सेन्टर है।
- ü NCC का महिला प्रशिक्षण केन्द्र संस्थान है।
- ü AGMP का कार्यालय है।
- ü महारानी लक्ष्मीबाई शारीरिक विश्व विद्यालय स्थित है।
- ü तानसेन का मकबरा है।
- ü यहां सहरिया जनजाति पाई जाती है।
- ü राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्व विद्यालय स्थित है। (2008 में)
- ü राजा मानसिंह तोमर संगीत महाविद्यालय (2008 में) स्थापित है।
- ü गौस मोहम्मद का मकबरा है।
- ü यहां तेली का मंदिर भी स्थित है, जो द्रविड़ शैली में बना हुआ मध्यप्रदेश में एक मात्र स्थान है।
- ü रानी लक्ष्मीबाई की समाधि है।
- ü 1 नवम्बर 1956 को मध्यप्रदेश बनने से पहले मध्य भारत की राजधानी ग्वालियर थी।
- ü ऐतिहासिक रूप से सिंधिया शासकों की राजधानी ग्वालियर का भारतीय संगीत परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान है।
- ü ग्वालियर में 2008 में राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी।
- ü देश का पहला अधिवक्ता प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है।
- ü भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान 1983 में स्थापित किया गया।
- ü केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का प्रशिक्षण केन्द्र
है,
- ü ग्वालियर के घाटी गांव अभ्यारण्य में सोन चिडि़या का संरक्षण किया जा रहा है।
- ü ग्वालियर में लक्ष्मीबाई शारीरिक प्रशिक्षण विद्यालय 1957 में स्थापित किया गया है।
- ü मध्यप्रदेश के महालेखाकार का कार्यालय मोतीमहल ग्वालियर में स्थित है।
- ü राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय है।
- ü संगीत सम्राट तानसेन तथा उनके गुरू मोहम्मद गौस का मकबरा ग्वालियर में है।
- ü राजा सूरजसेन द्वारा निर्मित ग्वालियर के किले को किलों का रत्न या जिब्राल्टर ऑफ इंडिया कहा जाता है।
- ü यहीं पर फूलबाग में रानी लक्ष्मीबाई की समाधि है।
- ü ग्वालियर किले में स्थित तेली का मंदिर उत्तर भारत में एकमात्र द्रविड़ शैली का मंदिर है।
- ü इसके अलावा गुजरी महल और दाता बंदी छोड़ गुरूद्वारा यहीं स्थित है।
- ü कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैंच होते हैं।
शिवपुरी जिला ( 10278 वर्ग किलोमीटर )
- ü यह जिला क्षेत्रफल की द्रस्टी से दूसरा सबसे बड़ा जिला है
- ü NH3 गुजरता है जो प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
- ü यहां माधव राष्ट्रीय पार्क स्थित है।
- ü नरवर महाभारत कालीन नगर है जो राजा नल और दमयंती की प्रेम कथा के लिए प्रशिद्ध है
- ü यहां जॉर्ज कैसल भवन स्थित है।
- ü सांख्यराजे सिंधिया की समाधि है।
- ü यहां तात्याटोपे की समाधि स्थित है।
- ü करैरा अभ्यारण्य – यहां सोन चिरैया का संरक्षण किया जाता है।
- ü पीर बुधान का मेला लगता है।
- ü शिवपुरी को मध्यप्रदेश का पहला पर्यटन नगर घोषित किया गया है।
- ü शिवपुरी में 1958 में स्थापित माधव नेशनल पार्क है। जिसके बीच से नेशनल हाइवे-3 निकलता है।
- ü यहीं सांख्य सागर झील और जार्ज कैसल भवन स्थित है।
- ü नलदमयंती की कथा में प्रसिद्ध नरवर का किला स्थित है।
- ü करैरा अभ्यारण्य है, जहाँ सोन चिडि़या का संरक्षण किया जा रहा है।
- ü आतंकवादरोधी प्रशिक्षण स्कूल शिवपुरी में है।
- ü प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के शहीद तात्या टोपे की समाधि शिवपुरी में स्थित है।
गुना जिला ( 6307 वर्ग किलोमीटर )
- ü इस जिले में भू-उपग्रह दूर संचार उपग्रह केन्द्र है।
- ü गुना को मालवा व चंबल का प्रवेश द्वार कहा जाता है।
- ü गुना के विजयपुर में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड और गेल इंडिया की उत्पादन इकाइयाँ है।
- ü हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर(HBJ) पाइपलाइन यहीं से होकर गुजरती है।
- ü गुना जिले के भावावद गाँव में तेजाजी का मेला लगता है।
- ü राधोगढ़ स्वंत्रता से पुर्व एक रियासत थी
- ü नदियाँ :- पार्वती ,सिंध,कुनो , घोडापछाड़
- ü पर्यटन :- बजरंगगढ़ किला ,बीस्भुजा देवी मंदिर ,हनुमान टेकरी मंदिर , जेनागढ़ ,क्रिस्ट किंग चर्च ,पञ्च मुखी हनुमान मंदिर |
- ü अशोकनगर में चँदेरी का किला स्थित है।
- ü सम्राट अशोक के नाम पर अशोकनगर नाम पड़ा।
- ü चँदेरी में बैजु बावरा की समाधि स्थित है।
- ü इस जिले के मुंगावली में खुली जेल स्थित है।
- ü अशोकनगर जिले को 2003 में गुना जिले से अलग करके बनाया है।
- ü चंदेरी का प्रसिद्ध किला यहीं पर स्थित है। जिसका निर्माण प्रतिहार नरेश कीर्तिपाल ने कराया। इस किले में नौलखा महल, खूनी दरवाजा तथा जौहर कुंड स्थित है।
- ü चंदेरी कलात्मक साडि़यों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।
- ü चंदेरी में महान संगीतकार बैजू बावरा की समाधि स्थित है।
- ü करीला माता मंदिर अशोकनगर में स्थित है।
- ü अशोकनगर के मुंगावली में प्रदेश की पहली खुली जेल स्थापित की गई है।
दतिया जिला ( 2091 वर्ग किलोमीटर )
- ü दतिया का पूर्व नाम दिलीपनगर था ।
- ü यहां सोनागिरी स्थित है।
- ü इस जिले में सिंध नदी के किनारे रतनगढ़ माता का मंदिर है
- ü अन्य नदी :- पहुज नदी
- ü गुर्जरा से अशोक अभिलेख प्राप्त हुये है, जिनमे अशोक का नाम अशोक मिलता है।
- ü दतिया में पीतांबरा पीठ मध्यप्रदेश की एकमात्र शक्तिपीठ है (निर्माण स्वामीजी महाराज ने की थी )।
- ü इस जिले को पीताम्बरा देवी के शहर के नाम से जाना जाता है
- ü यह बुंदेला राजा बीरसिंहदेव के महल के लिए प्रसिद्ध है।
- ü परियोजना :- सिंध परियोजना और भांडेर परियोजना (माताटीला बाँध है यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के संयुक्त परियोजना है )|
- ü माताटीला बाँध बेतवा नदी पर बना है |
- ü यह प्रदेश का सर्वाधिक सिंचित जिला है।
- ü दतिया का ओद्योगिक केंद्र बडेरा है |
- ü यहाँ अशोक का गुर्जरा अभिलेख प्राप्त हुआ है। जिसमें अशोक नाम मिलता है (यह भ्रम्नी लिपि में लिखा था) ।
- ü दतिया में जैनों का प्रसिद्ध सोनागिरी तीर्थ है यहाँ 108 जैन मंदिर है ।
- ü दतिया के किले में लिखा है कि “न्याय मुकुट का हीरा” है।
- ü दतिया को लघु वृंदावन कहा जाता है।
- ü यहीं पर उन्नव बालाजी सूर्य मंदिर है।
- ü पर्यटन :- सतखंडा महल , राजगढ़ पालेश ,अवध बिहारी मंदिर ,राघव मंदिर ,बिहारीजी मंदिर ,बोतिनिकल गर्दन |
- ü प्रदेश की पहली नगरपालिका यही थी







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